103. अल-अस्र - क़ुरान
- 1. गवाह है गुज़रता समय,
- 2. कि वास्तव में मनुष्य घाटे में है,
- 3. सिवाय उन लोगों के जो ईमान लाए और अच्छे कर्म किए और एक-दूसरे को हक़ की ताकीद की, और एक-दूसरे को धैर्य की ताकीद की
1. गवाह है गुज़रता समय,
2. कि वास्तव में मनुष्य घाटे में है,
3. सिवाय उन लोगों के जो ईमान लाए और अच्छे कर्म किए और एक-दूसरे को हक़ की ताकीद की, और एक-दूसरे को धैर्य की ताकीद की