37. अस-सफ्फात - क़ुरान
- 1. गवाह है परा जमाकर पंक्तिबद्ध होनेवाले;
- 2. फिर डाँटनेवाले;
- 3. फिर यह ज़िक्र करनेवाले
- 4. कि तुम्हारा पूज्य-प्रभु अकेला है।
- 5. वह आकाशों और धरती और जो कुछ उनके बीच है सबका रब है और पूर्व दिशाओं का भी रब है
- 6. हमने दुनिया के आकाश को सजावट अर्थात तारों से सुसज्जित किया, (रात में मुसाफ़िरों को मार्ग दिखाने के लिए)
- 7. और प्रत्येक सरकश शैतान से सुरक्षित रखने के लिए
- 8. वे (शैतान) "मलए आला" की ओर कान नहीं लगा पाते और हर ओर से फेंक मारे जाते है भगाने-धुतकारने के लिए।
- 9. और उनके लिए अनवरत यातना है