100. अल-आदियात - क़ुरान
- 1. साक्षी है जो हाँफते-फुँकार मारते हुए दौड़ते है,
- 2. फिर ठोकरों से चिनगारियाँ निकालते है,
- 3. फिर सुबह सवेरे धावा मारते होते है,
- 4. उसमें उठाया उन्होंने गर्द-गुबार
- 5. और इसी हाल में वे दल में जा घुसे
- 6. निस्संदेह मनुष्य अपने रब का बड़ा अकृतज्ञ हैं,
- 7. और निश्चय ही वह स्वयं इसपर गवाह है!
- 8. और निश्चय ही वह धन के मोह में बड़ा दृढ़ है
- 9. तो क्या वह जानता नहीं जब उगवला लिया जाएगा तो क़ब्रों में है
- 10. और स्पष्ट अनावृत्त कर दिया जाएगा तो कुछ सीनों में है
- 11. निस्संदेह उनका रब उस दिन उनकी पूरी ख़बर रखता होगा