90. अल-बलद - क़ुरान
- 1. सुनो! मैं क़सम खाता हूँ इस नगर (मक्का) की -
- 2. हाल यह है कि तुम इसी नगर में रह रहे हो -
- 3. और बाप और उसकी सन्तान की,
- 4. निस्संदेह हमने मनुष्य को पूर्ण मशक़्क़त (अनुकूलता और सन्तुलन) के साथ पैदा किया
- 5. क्या वह समझता है कि उसपर किसी का बस न चलेगा?
- 6. कहता है कि "मैंने ढेरो माल उड़ा दिया।"
- 7. क्या वह समझता है कि किसी ने उसे देखा नहीं?
- 8. क्या हमने उसे नहीं दी दो आँखें,
- 9. और एक ज़बान और दो होंठ?