102. अत-तकासुर - क़ुरान
- 1. तुम्हें एक-दूसरे के मुक़ाबले में बहुतायत के प्रदर्शन और घमंड ने ग़फ़़लत में डाल रखा है,
- 2. यहाँ तक कि तुम क़ब्रिस्तानों में पहुँच गए
- 3. कुछ नहीं, तुम शीघ्र ही जान लोगे
- 4. फिर, कुछ नहीं, तुम्हें शीघ्र ही मालूम हो जाएगा -
- 5. कुछ नहीं, अगर तुम विश्वसनीय ज्ञान के रूप में जान लो! (तो तुम धन-दौलत के पुजारी न बनो) -
- 6. अवश्य ही तुम भड़कती आग से दो-चार होगे
- 7. फिर सुनो, उसे अवश्य देखोगे इस दशा में कि वह यथावत विश्वास होगा
- 8. फिर निश्चय ही उस दिन तुमसे नेमतों के बारे में पूछा जाएगा