108. अल-कौसर - क़ुरान
- 1. निश्चय ही हमने तुम्हें कौसर प्रदान किया,
- 2. अतः तुम अपने रब ही के लिए नमाज़ पढ़ो और (उसी के दिन) क़़ुरबानी करो
- 3. निस्संदेह तुम्हारा जो वैरी है वही जड़कटा है
1. निश्चय ही हमने तुम्हें कौसर प्रदान किया,
2. अतः तुम अपने रब ही के लिए नमाज़ पढ़ो और (उसी के दिन) क़़ुरबानी करो
3. निस्संदेह तुम्हारा जो वैरी है वही जड़कटा है