89. अल-फज्र - क़ुरान
- 1. साक्षी है उषाकाल,
- 2. साक्षी है दस रातें,
- 3. साक्षी है युग्म और अयुग्म,
- 4. साक्षी है रात जब वह विदा हो रही हो
- 5. क्या इसमें बुद्धिमान के लिए बड़ी गवाही है?
- 6. क्या तुमने देखा नहीं कि तुम्हारे रब ने क्या किया आद के साथ,
- 7. स्तम्भों वाले `इरम` के साथ?
- 8. वे ऐसे थे जिनके सदृश बस्तियों में पैदा नहीं हुए
- 9. और समूद के साथ, जिन्होंने घाटी में चट्टाने तराशी थी,