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अल-फज्र - क़ुरान - हारुन याह्या

  • 1. साक्षी है उषाकाल,
  • 2. साक्षी है दस रातें,
  • 3. साक्षी है युग्म और अयुग्म,
  • 4. साक्षी है रात जब वह विदा हो रही हो
  • 5. क्या इसमें बुद्धिमान के लिए बड़ी गवाही है?
  • 6. क्या तुमने देखा नहीं कि तुम्हारे रब ने क्या किया आद के साथ,
  • 7. स्तम्भों वाले `इरम` के साथ?
  • 8. वे ऐसे थे जिनके सदृश बस्तियों में पैदा नहीं हुए
  • 9. और समूद के साथ, जिन्होंने घाटी में चट्टाने तराशी थी,
  • 10. और मेखोवाले फ़िरऔन के साथ?
  • 11. वे लोग कि जिन्होंने देशो में सरकशी की,
  • 12. और उनमें बहुत बिगाड़ पैदा किया
  • 13. अततः तुम्हारे रब ने उनपर यातना का कोड़ा बरसा दिया
  • 14. निस्संदेह तुम्हारा रब घात में रहता है
  • 15. किन्तु मनुष्य का हाल यह है कि जब उसका रब इस प्रकार उसकी परीक्षा करता है कि उसे प्रतिष्ठा और नेमत प्रदान करता है, तो वह कहता है, "मेरे रब ने मुझे प्रतिष्ठित किया।"
  • 16. किन्तु जब कभी वह उसकी परीक्षा इस प्रकार करता है कि उसकी रोज़ी नपी-तुली कर देता है, तो वह कहता है, "मेरे रब ने मेरा अपमान किया।"
  • 17. कदापि नहीं, बल्कि तुम अनाथ का सम्मान नहीं करते,
  • 18. और न मुहताज को खिलान पर एक-दूसरे को उभारते हो,
  • 19. और सारी मीरास समेटकर खा जाते हो,
  • 20. और धन से उत्कट प्रेम रखते हो
  • 21. कुछ नहीं, जब धरती कूट-कूटकर चुर्ण-विचुर्ण कर दी जाएगी,
  • 22. और तुम्हारा रब और फ़रिश्ता (बन्दों की) एक-एक पंक्ति के पास आएगा,
  • 23. और जहन्नम को उस दिन लाया जाएगा, उस दिन मनुष्य चेतेगा, किन्तु कहाँ है उसके लिए लाभप्रद उस समय का चेतना?
  • 24. वह कहेगा, "ऐ काश! मैंने अपने जीवन के लिए कुछ करके आगे भेजा होता।"
  • 25. फिर उस दिन कोई नहीं जो उसकी जैसी यातना दे,
  • 26. और कोई नहीं जो उसकी जकड़बन्द की तरह बाँधे
  • 27. "ऐ संतुष्ट आत्मा!
  • 28. लौट अपने रब की ओर, इस तरह कि तू उससे राज़ी है वह तुझसे राज़ी है। अतः मेरे बन्दों में सम्मिलित हो जा। -
  • 29. अतः मेरे बन्दों में सम्मिलित हो जा
  • 30. और प्रवेश कर मेरी जन्नत में।"
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1 अल फातेहा
2 अल बकराह
3 आले इमरान
4 अन-निसा
5 अल-माइदा
6 अल-अनाम
7 अल-आराफ़
8 अल-अन्फाल
9 अत-तौबा
10 युनुस
11 हूद
12 युसूफ
13 अर र’आद
14 इब्राहीम
15 अल हिज्र
16 अन नहल
17 अल इस्रा
18 अल कहफ़
19 मरियम
20 अत-तहा
21 अल-अम्बिया
22 अल-हज
23 अल-मुमिनून
24 अन-नूर
25 अल-फुरकान
26 अस-शुआरा
27 अन-नम्ल
28 अल-क़सस
29 अल-अनकबूत
30 अर-रूम
31 लुकमान
32 अस-सजदा
33 अल-अह्जाब
34 सबा
35 फातिर
36 यासीन
37 अस-सफ्फात
38 स’आद
39 अज-ज़ुमर
40 अल-गाफिर
41 फुसिलत
42 अश-शूरा
43 अज-जुखरूफ
44 अद-दुखान
45 अल-जाथीया
46 सूरह अल-अह्काफ़
47 मुहम्मद
48 अल-फतह
49 अल-हुजरात
50 काफ
51 अज़-ज़ारियात
52 अत-तूर
53 अन-नज्म
54 अल-कमर
55 अर-रहमान
56 अल-वाकिया
57 अल-हदीद
58 अल-मुजादिला
59 अल-हष्र
60 अल-मुमताहिना
61 अस-सफ्फ
62 अल-जुमाअ
63 अल-मुनाफिकुन
64 अत-तग़ाबुन
65 अत-तलाक
66 अत-तहरिम
67 अल-मुल्क
68 अल-कलाम
69 अल-हाक्का
70 अल-मारिज
71 नूह
72 अल-जिन्न
73 अल-मुज़म्मिल
74 अल्-मुद्दस्सिर
75 अल-कियामा
76 अल-इन्सान
77 अल-मुर्सलत
78 अल-नबा
79 अन-नाज़िआ़त
80 सूरह अबसा
81 अत-तक्वीर
82 अल-इन्फिकार
83 अल-मुताफ्फिन
84 अल-इन्शिकाक
85 अल-बुरूज
86 अत-तारिक
87 अल-अला
88 अल-घाशिया
89 अल-फज्र
90 अल-बलद
91 अस-शम्स
92 अल-लैल
93 अद-दुहा
94 अल-इन्शिराह
95 अत-तिन
96 अल-अलक
97 अल-कद्र
98 अल-बय्यिना
99 अज़-ज़ल्ज़ला
100 अल-आदियात
101 अल-क़ारिअह
102 अत-तकासुर
103 अल-अस्र
104 अल-हुमज़ह
105 अल-फ़ील
106 क़ुरइश
107 अल-माऊन
108 अल-कौसर
109 अल-काफिरून
110 अन-नस्र
111 अल-मसद
112 अल-इख़लास
113 अल-फलक़
114 अन-नास