अर-रहमान - क़ुरान - हारुन याह्या
-
1. रहमान ने
-
2. क़ुरआन सिखाया;
-
3. उसी ने मनुष्य को पैदा किया;
-
4. उसे बोलना सिखाया;
-
5. सूर्य और चन्द्रमा एक हिसाब के पाबन्द है;
-
6. और तारे और वृक्ष सजदा करते है;
-
7. उसने आकाश को ऊँचा किया और संतुलन स्थापित किया -
-
8. कि तुम भी तुला में सीमा का उल्लंघन न करो
-
9. न्याय के साथ ठीक-ठीक तौलो और तौल में कमी न करो। -
-
10. और धरती को उसने सृष्टल प्राणियों के लिए बनाया;
-
11. उसमें स्वादिष्ट फल है और खजूर के वृक्ष है, जिनके फल आवरणों में लिपटे हुए है,
-
12. और भुसवाले अनाज भी और सुगंधित बेल-बूटा भी
-
13. तो तुम दोनों अपने रब की अनुकम्पाओं में से किस-किस को झुठलाओगे?
-
14. उसने मनुष्य को ठीकरी जैसी खनखनाती हुए मिट्टी से पैदा किया;
-
15. और जिन्न को उसने आग की लपट से पैदा किया
-
16. फिर तुम दोनों अपने रब की सामर्थ्यों में से किस-किस को झुठलाओगे?
-
17. वह दो पूर्व का रब है और दो पश्चिम का रब भी।
-
18. फिर तुम दोनों अपने रब की महानताओं में से किस-किस को झुठलाओगे?
-
19. उसने दो समुद्रो को प्रवाहित कर दिया, जो आपस में मिल रहे होते है।
-
20. उन दोनों के बीच एक परदा बाधक होता है, जिसका वे अतिक्रमण नहीं करते
-
21. तो तुम दोनों अपने रब के चमत्कारों में से किस-किस को झुठलाओगे?
-
22. उन (समुद्रों) से मोती और मूँगा निकलता है।
-
23. अतः तुम दोनों अपने रब के चमत्कारों में से किस-किस को झुठलाओगे?
-
24. उसी के बस में है समुद्र में पहाड़ो की तरह उठे हुए जहाज़
-
25. तो तुम दोनों अपने रब की अनुकम्पाओं में से किस-किस को झुठलाओग?
-
26. प्रत्येक जो भी इस (धरती) पर है, नाशवान है
-
27. किन्तु तुम्हारे रब का प्रतापवान और उदार स्वरूप शेष रहनेवाला है
-
28. अतः तुम दोनों अपने रब के चमत्कारों में से किस-किस को झुठलाओगं?
-
29. आकाशों और धरती में जो भी है उसी से माँगता है। उसकी नित्य नई शान है
-
30. अतः तुम दोनों अपने रब की अनुकम्पाओं में से किस-किस को झुठलाओगे?
-
31. ऐ दोनों बोझों! शीघ्र ही हम तुम्हारे लिए निवृत हुए जाते है
-
32. तो तुम दोनों अपने रब की अनुकम्पाओं में से किस-किस को झुठलाओगे?
-
33. ऐ जिन्नों और मनुष्यों के गिरोह! यदि तुममें हो सके कि आकाशों और धरती की सीमाओं को पार कर सको, तो पार कर जाओ; तुम कदापि पार नहीं कर सकते बिना अधिकार-शक्ति के
-
34. अतः तुम दोनों अपने रब की सामर्थ्यों में से किस-किस को झुठलाओगे?
-
35. अतः तुम दोनों पर अग्नि-ज्वाला और धुएँवाला अंगारा (पिघला ताँबा) छोड़ दिया जाएगा, फिर तुम मुक़ाबला न कर सकोगे।
-
36. अतः तुम दोनों अपने रब की सामर्थ्यों में से किस-किस को झुठलाओगे?
-
37. फिर जब आकाश फट जाएगा और लाल चमड़े की तरह लाल हो जाएगा।
-
38. - अतः तुम दोनों अपने रब के चमत्कारों में से किस-किस को झुठलाओगे?
-
39. फिर उस दिन न किसी मनुष्य से उसके गुनाह के विषय में पूछा जाएगा न किसी जिन्न से
-
40. अतः तुम दोनों अपने रब के चमत्कारों में से किस-किस को झुठलाओगे?
-
41. अपराधी अपने चहरों से पहचान लिए जाएँगे और उनके माथे के बालों और टाँगों द्वारा पकड़ लिया जाएगा
-
42. अतः तुम दोनों अपने रब की सामर्थ्यों में से किस-किस को झुठलाओगे?
-
43. यही वह जहन्नम है जिसे अपराधी लोग झूठ ठहराते रहे है
-
44. वे उनके और खौलते हुए पानी के बीच चक्कर लगा रहें होंगे
-
45. फिर तुम दोनों अपने रब के सामर्थ्यों में से किस-किस को झुठलाओगे?
-
46. किन्तु जो अपने रब के सामने खड़े होने का डर रखता होगा, उसके लिए दो बाग़ है। -
-
47. तो तुम दोनों अपने रब की अनुकम्पाओं में से किस-किस को झुठलाओगे?
-
48. घनी डालियोंवाले;
-
49. अतः तुम दोनों अपने रब के उपकारों में से किस-किस को झुठलाओगे?
-
50. उन दोनो (बाग़ो) में दो प्रवाहित स्रोत है।
-
51. अतः तुम दोनों अपने रब की अनुकम्पाओं में से किस-किस को झुठलाओगे?
-
52. उन दोनों (बाग़ो) मे हर स्वादिष्ट फल की दो-दो किस्में हैं;
-
53. अतः तुम दोनो रब के चमत्कारों में से किस-किस को झुठलाओगे?
-
54. वे ऐसे बिछौनो पर तकिया लगाए हुए होंगे जिनके अस्तर गाढे रेशम के होंगे, और दोनों बाग़ो के फल झुके हुए निकट ही होंगे।
-
55. अतः तुम अपने रब के चमत्कारों में से किस-किस को झुठलाओगे?
-
56. उन (अनुकम्पाओं) में निगाह बचाए रखनेवाली (सुन्दर) स्त्रियाँ होंगी, जिन्हें उनसे पहले न किसी मनुष्य ने हाथ लगाया और न किसी जिन्न ने
-
57. फिर तुम दोनों अपने रब की अनुकम्पाओं में से किस-किस को झुठलाओगे?
-
58. मानो वे लाल (याकूत) और प्रवाल (मूँगा) है।
-
59. अतः तुम दोनों अपने रब की अनुकम्पाओं में से किस-किस को झुठलाओगे?
-
60. अच्छाई का बदला अच्छाई के सिवा और क्या हो सकता है?
-
61. अतः तुम दोनों अपने रब की अनुकम्पाओं में से किस-किस को झुठलाओगे?
-
62. उन दोनों से हटकर दो और बाग़ है।
-
63. फिर तुम दोनों अपने रब की अनुकम्पाओं में से किस-किस को झुठलाओगे?
-
64. गहरे हरित;
-
65. अतः तुम दोनों अपने रब की अनुकम्पाओं में से किस-किस को झुठलाओगे?
-
66. उन दोनों (बाग़ो) में दो स्रोत है जोश मारते हुए
-
67. अतः तुम दोनों अपने रब के चमत्कारों में से किस-किस को झुठलाओगे?
-
68. उनमें है स्वादिष्ट फल और खजूर और अनार;
-
69. अतः तुम दोनों अपने रब की अनुकम्पाओं में से किस-किस को झुठलाओगे?
-
70. उनमें भली और सुन्दर स्त्रियाँ होंगी।
-
71. तो तुम दोनों अपने रब की अनुकम्पाओं में से किस-किस को झुठलाओगे?
-
72. हूरें (परम रूपवती स्त्रियाँ) ख़ेमों में रहनेवाली;
-
73. अतः तुम दोनों अपने रब के चमत्कारों में से किस-किस को झुठलाओगे?
-
74. जिन्हें उससे पहले न किसी मनुष्य ने हाथ लगाया होगा और न किसी जिन्न ने।
-
75. अतः तुम दोनों अपने रब की अनुकम्पाओं में से किस-किस को झुठलाओगे?
-
76. वे हरे रेशमी गद्दो और उत्कृष्ट् और असाधारण क़ालीनों पर तकिया लगाए होंगे;
-
77. अतः तुम दोनों अपने रब की अनुकम्पाओं में से किस-किस को झुठलाओगे?
-
78. बड़ा ही बरकतवाला नाम है तुम्हारे प्रतापवान और उदार रब का
शेयर करना
1
अल फातेहा
2
अल बकराह
3
आले इमरान
4
अन-निसा
5
अल-माइदा
6
अल-अनाम
7
अल-आराफ़
8
अल-अन्फाल
9
अत-तौबा
10
युनुस
11
हूद
12
युसूफ
13
अर र’आद
14
इब्राहीम
15
अल हिज्र
16
अन नहल
17
अल इस्रा
18
अल कहफ़
19
मरियम
20
अत-तहा
21
अल-अम्बिया
22
अल-हज
23
अल-मुमिनून
24
अन-नूर
25
अल-फुरकान
26
अस-शुआरा
27
अन-नम्ल
28
अल-क़सस
29
अल-अनकबूत
30
अर-रूम
31
लुकमान
32
अस-सजदा
33
अल-अह्जाब
34
सबा
35
फातिर
36
यासीन
37
अस-सफ्फात
38
स’आद
39
अज-ज़ुमर
40
अल-गाफिर
41
फुसिलत
42
अश-शूरा
43
अज-जुखरूफ
44
अद-दुखान
45
अल-जाथीया
46
सूरह अल-अह्काफ़
47
मुहम्मद
48
अल-फतह
49
अल-हुजरात
50
काफ
51
अज़-ज़ारियात
52
अत-तूर
53
अन-नज्म
54
अल-कमर
55
अर-रहमान
56
अल-वाकिया
57
अल-हदीद
58
अल-मुजादिला
59
अल-हष्र
60
अल-मुमताहिना
61
अस-सफ्फ
62
अल-जुमाअ
63
अल-मुनाफिकुन
64
अत-तग़ाबुन
65
अत-तलाक
66
अत-तहरिम
67
अल-मुल्क
68
अल-कलाम
69
अल-हाक्का
70
अल-मारिज
71
नूह
72
अल-जिन्न
73
अल-मुज़म्मिल
74
अल्-मुद्दस्सिर
75
अल-कियामा
76
अल-इन्सान
77
अल-मुर्सलत
78
अल-नबा
79
अन-नाज़िआ़त
80
सूरह अबसा
81
अत-तक्वीर
82
अल-इन्फिकार
83
अल-मुताफ्फिन
84
अल-इन्शिकाक
85
अल-बुरूज
86
अत-तारिक
87
अल-अला
88
अल-घाशिया
89
अल-फज्र
90
अल-बलद
91
अस-शम्स
92
अल-लैल
93
अद-दुहा
94
अल-इन्शिराह
95
अत-तिन
96
अल-अलक
97
अल-कद्र
98
अल-बय्यिना
99
अज़-ज़ल्ज़ला
100
अल-आदियात
101
अल-क़ारिअह
102
अत-तकासुर
103
अल-अस्र
104
अल-हुमज़ह
105
अल-फ़ील
106
क़ुरइश
107
अल-माऊन
108
अल-कौसर
109
अल-काफिरून
110
अन-नस्र
111
अल-मसद
112
अल-इख़लास
113
अल-फलक़
114
अन-नास